चाम्पा

चाम्पा- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष योगासन किया गया।

चाम्पा- 21 जून 2022

योग बनाए मानव शरीर को मजबूत। महर्षि पतंजलि द्धारा प्रतिपादित योग दर्शन , योगाभ्यास आज़ भी मनुष्य को शारीरिक मानसिक और आध्यात्मिक रुप से स्वस्थ बनाता हैं

स्वस्थ रहे सबका तन-मन अपनाये योग ।
स्वयं को बदलो जग बदलेगा,
योग करोगे तो हर दिन मन खिलेगा !
रोज़ आधा घंटा ही सही,
योग कीजिए और शरीर को फिटनेस रखिए !!

योग का शाब्दिक अर्थ हैं जोड़ना ! योग ना सिर्फ़ हमारे स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हैं बल्कि मानसिक सेहत के लिए भी अच्छा हैं यह हमारे प्राण को महाप्राण से जोड़ने वाला हैं । हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी संपूर्ण विश्व में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया । हर वर्ष योग दिवस मनाने की अपनी थीम रही हैं । इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग दिवस के 8 वें संस्करण की थीम हैं “योग फार ह्यूमैनिटी” यानि कि मानवता के लिए योग । इस थीम पर ही संपूर्ण विश्व में योग दिवस मनाया गया ।

21 जून को हर वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता हैं । यह दिन सबसे लंबा दिन होता हैं और योग भी मनुष्य को दीर्घ जीवन प्रदान करता हैं । पहली बार यह जून को को मनाया गया , जिसकी पहल देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में सदस्यों द्वारा प्रस्ताव को लिखित मंजूरी मिली । इसके बाद 21 जून को दुनिया भर में विश्व योग दिवस मनाने की घोषणा हुई।

वैसे योगदर्शन के रचनाकार महर्षि पतंजलि को माना जाता हैं ।इस वर्ष कोसा, कांसा एवं कंचन की नगरी चांपा के नगरपालिका परिषद के द्वारा गांधी भवन में योगासन और प्राणायाम कार्यक्रम रखा गया । इसके अतिरिक्त लायंस स्कूल, हनुमान धारा, शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय , सरस्वती शिशु मंदिर , राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नगर चांपा के स्वयंसेवकों के द्वारा एवं स्वामी विवेकानंद उद्यान चांपा में प्रशिक्षक पवन कुमार थवाईत , रमेश देवांगन, डॉक्टर नंदलाल विरानी,भृगुनंदन शर्मा एवं राजीव मिश्रा ने लोगों को जागरूक करते हुए योग की महत्ता से अवगत कराया ।

गांधी भवन में योगासन कार्यक्रम में गोविंद देवांगन मुख्य प्रशिक्षक के रुप में उपस्थित रहे।इस अवसर पर पालिका के अधिकारी कर्मचारी के साथ गणमान्य लोग उपस्थित रहे। योगाभ्यास कार्यक्रम में उपस्थित साहित्यकार शशिभूषण सोनी ने बताया कि महर्षि पतंजलि ऋषि द्वारा प्रतिपादित योग दर्शन में स्वयं ऋषि ने यम-नियम से लेकर समाधि तक के रास्ते पर मानव जाति को एक सूत्र में बांधने का बीड़ा उठाया था । हालांकि भारतवर्ष में योग का इतिहास अत्यंत प्राचीन हैं । कुलमिलाकर योगासन और प्राणायाम से हमारा शरीर मजबूत होता हैं और रक्त नलिकाएं शुद्ध होती हैं ।

राज्य युवा आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष कार्तिकेश्वर स्वर्णकार ने कहा कि कोरोना महामारी ने ना केवल मनुष्य को संबल प्रदान किया हैं बल्कि शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य को द्रष्टिगत रखते हुए सजग भी किया हैं । सभी को योगासन करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए । घर पर भी योगासन करके शरीर को स्वस्थ और निरोग किया जा सकता हैं। योग करते रहने से फायदा ही होगा, हानि बिल्कुल नहीं।


गत दो वर्षों से कोरोना महामारी की लड़ाई में सबसे मजबूत शक्ति हमारी इम्युनिटी पॉवर बनी थी ।इस कोरोना काल की तीसरी लहर से लड़ने के लिए योग के जरिए शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखना हैं। इसलिए योग को हम-सब अपने जीवन का हिस्सा बनाये ।

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