चाम्पा

पितृ पक्ष में चारधाम यात्रा पर रवाना हुए  क्षेत्र के श्रद्धालु 5 अक्टूबर नवमीं को बद्रीनाथ धाम के  ब्रह्मकपाल में करेंगे पितृदोष निवारण तर्पण

हसदेव यात्रा चांपा की सेवाभावना से श्रद्धालुओं में जमकर उत्साह
16 अक्टूबर से नौ ज्योतिर्लिंग और दक्षिण भारत के लिए बस से रवाना होगी श्रद्धालुओं का जत्था

नौ ज्योतिर्लिंग के सीटे फूल दक्षिण भारत के लिए कुछ सीटे शेष

चांपा पितृ पक्ष के पावन अवसर पर क्षेत्र के श्रद्धालुओं का एक जत्था चारधाम यात्रा के लिए रवाना हुआ। पितरों के प्रति श्रद्धा, आस्था और सनातन परंपरा के निर्वहन के उद्देश्य से श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम सहित चारधाम के दर्शन करेंगे। यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और धार्मिक उमंग देखने को मिल रही है।
यात्रा के दौरान 5 अक्टूबर, नवमी तिथि को श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम स्थित ब्रह्मकपाल तीर्थ में अपने पितरों की स्मृति में विधि-विधान से तर्पण, पिंडदान एवं पितृदोष निवारण संबंधी धार्मिक अनुष्ठान करेंगे। मान्यता है कि ब्रह्मकपाल तीर्थ पितरों के निमित्त श्राद्ध एवं तर्पण के लिए अत्यंत पवित्र स्थान है। पितृ पक्ष में यहां देशभर से श्रद्धालु अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा अर्पित करने पहुंचते हैं।
यात्रा के आयोजक हसदेव यात्रा द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा और सेवा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के लिए आवागमन, ठहरने, भोजन, दर्शन तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रूप से संचालित किया जा रहा है। सेवा और सहयोग की भावना के साथ यात्रा को सुचारू बनाने में हसदेव यात्रा की पूरी टीम जुटी हुई है।
यात्रा में शामिल श्रद्धालु उमेश सोनी उषा सोनी,मण्डावी द्विवेदी  व तीजराम  थवाईत,प्रदीप थवाईत के परिवारों का कहना है कि पितृ पक्ष के दौरान चारधाम की यात्रा और बद्रीनाथ धाम के ब्रह्मकपाल में पितरों का तर्पण करने का अवसर उनके लिए अत्यंत भावनात्मक एवं पुण्यदायी है। अपने पूर्वजों को श्रद्धासुमन अर्पित करने के साथ-साथ श्रद्धालु बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम के दर्शन कर देश-प्रदेश और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे।
यात्रा के रवाना होने के अवसर पर श्रद्धालुओं में “जय बद्री विशाल”, “हर हर महादेव” और “जय मां गंगे” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा। परिजनों एवं शुभचिंतकों ने यात्रियों को मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं।
हसदेव यात्रा की ओर से कहा गया कि धार्मिक यात्राओं का उद्देश्य केवल तीर्थ दर्शन नहीं, बल्कि श्रद्धा, सेवा, संस्कार और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करना भी है। इसी सेवाभाव के कारण श्रद्धालुओं में यात्रा को लेकर लगातार उत्साह बना हुआ है। पितृ पक्ष में आयोजित यह चारधाम यात्रा श्रद्धालुओं के लिए आस्था, श्रद्धा और पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता का विशेष अवसर बन गई है।

पितृ पक्ष में चारधाम यात्रा पर रवाना हुए  क्षेत्र के श्रद्धालु 5 अक्टूबर नवमीं को बद्रीनाथ धाम के  ब्रह्मकपाल में करेंगे पितृदोष निवारण तर्पण - Console Corptech
पितृ पक्ष में चारधाम यात्रा पर रवाना हुए  क्षेत्र के श्रद्धालु 5 अक्टूबर नवमीं को बद्रीनाथ धाम के  ब्रह्मकपाल में करेंगे पितृदोष निवारण तर्पण - Console Corptech

16 अक्टूबर से नौ ज्योतिर्लिंग और दक्षिण भारत के लिए बस से रवाना होगी श्रद्धालुओं का जत्था
नौ ज्योतिर्लिंग के सीटे फूल दक्षिण भारत के लिए कुछ सीटे शेष

 आगामी 16 अक्टूबर  को दशहरा अवकाश पर  बस के माध्यम से नौ ज्योतिर्लिंग एवं दक्षिण भारत के प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का जत्था रवाना होगा।इस धार्मिक यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। नौ ज्योतिर्लिंग यात्रा की सभी सीटें पहले ही बुक होकर फुल हो चुकी हैं, वहीं दक्षिण भारत यात्रा के लिए अभी कुछ सीमित सीटें ही शेष हैं।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को दक्षिण भारत के प्रमुख धार्मिक एवं दर्शनीय स्थलों के साथ भगवान शिव के पवित्र ज्योतिर्लिंगों के दर्शन एवं पूजा-अर्चना का सौभाग्य प्राप्त होगा। हसदेव यात्रा द्वारा यात्रियों की सुविधा, ठहरने, आवागमन एवं धार्मिक स्थलों के दर्शन की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
आयोजकों के अनुसार पिछले धार्मिक यात्रा कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं को मिली सुविधाओं और सेवाभावपूर्ण व्यवस्था के कारण इस बार भी यात्रियों में जबरदस्त उत्साह है। क्षेत्र के अनेक परिवार इस यात्रा से जुड़ रहे हैं।
हसदेव यात्रा समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि दक्षिण भारत यात्रा में शामिल होने के इच्छुक यात्री शेष सीटों के लिए शीघ्र संपर्क कर अपना स्थान सुरक्षित करा सकते हैं, ताकि यात्रा की आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जा सकें।

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